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22 February 2026

दिल्ली प्रांत के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का घोष वादन और पथ संचलन

दिल्ली प्रांत के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का घोष वादन और पथ संचलन

अयोध्या। दिल्ली प्रांत के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्यों ने अयोध्या में घोष वादन एवं पथ संचलन का भव्य आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत राम की पैड़ी स्थित लता चौक से हुई, जहां स्वयंसेवक अनुशासित पंक्तियों में एकत्र हुए।
घोष दल के मधुर वादन के साथ स्वयंसेवक राम पथ से आगे बढ़े। पूरा मार्ग घोष की ध्वनि से गूंज उठा और वातावरण राष्ट्रभाव तथा भक्ति से ओत-प्रोत दिखाई दिया। पथ संचलन हनुमानगढ़ी होते हुए श्रीराम मंदिर गेट तक पहुंचा। मार्ग में स्थानीय नागरिकों ने भी जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया।
पारंपरिक गणवेश में शामिल स्वयंसेवकों ने अनुशासन और संगठन की एकता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। श्रीराम मंदिर पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने भगवान राम लला के समक्ष घोष वादन समर्पित किया और राष्ट्र एवं समाज की उन्नति का संकल्प लिया।
संघ पदाधिकारी गोपाल राव ने कहा कि पथ संचलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजनों से समाज में संस्कार, संगठन भावना और राष्ट्रीय चेतना को मजबूती मिलती है।
दिल्ली प्रांत के स्वयंसेवकों का यह आयोजन अयोध्या की पावन धरती पर विशेष महत्व रखता है और समाज को एकजुटता का संदेश देता है।
तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं को नहीं होना होगा परेशान, घर-घर सत्यापन करेंगे बीएलओ

तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं को नहीं होना होगा परेशान, घर-घर सत्यापन करेंगे बीएलओ

अयोध्या: भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के अंतर्गत तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं के लिए सुनवाई प्रक्रिया को अत्यंत सरल, पारदर्शी एवं सुगम बना दिया गया है। इस नई व्यवस्था से मतदाताओं को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी।
जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी निखिल टी. फुडे ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन मतदाताओं के नाम, आयु, लिंग, पते अथवा अन्य विवरण में तार्किक विसंगति पाई गई है, उन्हें अब किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मामलों में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) स्वयं संबंधित मतदाता के घर जाकर नोटिस का वितरण करेंगे तथा आवश्यक जानकारी प्राप्त करेंगे।
उन्होंने बताया कि बीएलओ नोटिस की पावती लेकर आवश्यक दस्तावेज एकत्र करेंगे और उन्हें बीएलओ ऐप के माध्यम से ऑनलाइन अपलोड करेंगे। इस प्रक्रिया के पूर्ण होते ही सुनवाई स्वतः संपन्न मानी जाएगी। किसी भी मतदाता को व्यक्तिगत रूप से कार्यालय या सुनवाई स्थल पर उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन नामावली की शुद्धता सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक है। यह पहल मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए की गई है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं प्रभावी हो सके।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें कोई नोटिस प्राप्त हो तो बीएलओ को आवश्यक सहयोग प्रदान करें, सही जानकारी एवं दस्तावेज उपलब्ध कराएं, ताकि समयबद्ध तरीके से कार्यवाही पूर्ण की जा सके और पात्र मतदाताओं का नाम सही रूप में निर्वाचन नामावली में दर्ज रहे।
मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन

मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन

अयोध्या। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर अयोध्या में मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का भव्य आयोजन किया गया। यह शिविर डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय परिसर में संपन्न हुआ, जहां बड़ी संख्या में आमजन ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सौरभ लवानिया द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। शिविर का आयोजन माननीय जनपद न्यायाधीश रणंजय कुमार वर्मा की अनुमति एवं मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, न्यायिक अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के प्रमुख उपस्थित रहे।
मेगा शिविर से पूर्व तहसील, ब्लॉक एवं पंचायत स्तर पर लघु शिविरों और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया था। परिणामस्वरूप कुल 25,290 लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए चिन्हित कर लाभान्वित किया गया। वहीं मेगा शिविर के दौरान 18 विभागों के 197 पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में विधिक जागरूकता से जुड़े विविध आयोजन भी आकर्षण का केंद्र रहे। भ्रूण हत्या जैसे सामाजिक कुरीति पर आधारित नाटक के माध्यम से लोगों को संवेदनशील संदेश दिया गया। साथ ही सीपीआर प्रशिक्षण, अग्निशमन विभाग की मॉक ड्रिल तथा छात्राओं द्वारा आत्मरक्षा का प्रदर्शन भी कराया गया, जिससे आपदा प्रबंधन और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी।
शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के निर्बल वर्ग, दिव्यांगजन, महिलाओं, बच्चों एवं श्रमिकों को विधिक रूप से सशक्त बनाना तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना रहा। आयोजन को जनहित में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सराहा गया।
'रन फॉर राम' मैराथन: हजारों धावकों ने फिटनेस और आस्था के साथ लगाई दौड़

'रन फॉर राम' मैराथन: हजारों धावकों ने फिटनेस और आस्था के साथ लगाई दौड़

अयोध्या: क्रीड़ा भारती द्वारा आयोजित 'रन फॉर राम' मैराथन का चौथा संस्करण राम कथा पार्क में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। लता मंगेशकर चौक से शुरू हुई इस दौड़ में हजारों प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में कार्यरत संगठन क्रीड़ा भारती द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम फिटनेस और सामूहिक एकजुटता के उद्देश्य से सफल रहा।
अयोध्या की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित यह मैराथन प्राचीन '14-कोसी परिक्रमा' से प्रेरित है। इस वर्ष देश-विदेश के धावकों की बड़ी संख्या ने इसे अब तक का सबसे बड़ा आयोजन बनाया। पिछले संस्करणों की तुलना में इस बार महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जिसमें 100 से अधिक महिला धावकों ने हिस्सा लेकर खेलों में समावेशिता की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।
आयोजन पर प्रतिक्रिया देते हुए क्रीड़ा भारती उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष, अविनीश कुमार सिंह ने कहा, “रन फॉर राम के चौथे संस्करण का सफल समापन गर्व का विषय है। हर आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी और उत्साह सराहनीय है। आज अयोध्या में दिखा अनुशासन और ऊर्जा प्रभु श्री राम के शाश्वत मूल्यों को दर्शाती है।”
मैराथन में आरएफआईडी तकनीक का उपयोग किया गया और इसमें 42 किमी, 21 किमी, 10 किमी और 3 किमी की श्रेणियां शामिल थीं। विजेताओं में अभिषेक सोनी (42 किमी पुरुष), प्रिंस राज यादव (21 किमी पुरुष), सोनी देवी (21 किमी महिला), संदीप पाल (10 किमी पुरुष) और अंकिता (10 किमी महिला) प्रमुख रहे।
आयोजन में कुल ₹15 लाख का पुरस्कार पूल रखा गया था। मुख्य 42 किमी पुरुष वर्ग में अभिषेक सोनी और इज़राइल के अंतरराष्ट्रीय धावक देस्ये एंडालेव दोनों को विजेता घोषित किया गया और प्रत्येक को ₹1.25 लाख का नकद पुरस्कार दिया गया। अन्य श्रेणियों के विजेताओं को उनके प्रदर्शन के आधार पर ₹10,000 से लेकर ₹1 लाख तक के पुरस्कार दिए गए।
टीवाईसी कम्युनिकेशन की संस्थापक और स्त्री इंडियन स्पोर्ट्स फाउंडेशन की अध्यक्ष, गीता सिंह ने कहा, “इस वर्ष महिला धावकों की रिकॉर्ड भागीदारी देखना उत्साहजनक है। ऐसे मंच न केवल फिटनेस को बढ़ावा देते हैं बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास और प्रतिनिधित्व को भी मजबूत करते हैं।”
आयोजकों ने गोवा सरकार, छत्तीसगढ़ सरकार, उत्तर प्रदेश पर्यटन, इफ्को, अमूल, पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स और अन्य सभी सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। 'रन फॉर राम 2026' ने खेल और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के माध्यम से अपनी पहचान सुदृढ़ की है।
अध्यात्म की नगरी अयोध्या में “रन फॉर राम संवाद” का भव्य आयोजन

अध्यात्म की नगरी अयोध्या में “रन फॉर राम संवाद” का भव्य आयोजन

अध्यात्म की नगरी अयोध्या में राम की पैड़ी और पवित्र सरयू तट पर क्रीड़ा भारती द्वारा “रन फॉर राम संवाद” का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आगामी ‘रन फॉर राम मैराथन 2026’ के संदर्भ में आयोजित हुआ, जिसमें खेल, अध्यात्म और राष्ट्रभाव का अद्भुत संगम देखने को मिला। देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों, प्रशासकों, विद्वानों और युवा प्रतिभागियों ने इसमें सहभागिता की।
कार्यक्रम में भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों, उनकी मर्यादा, राष्ट्र निर्माण में उनकी प्रेरक भूमिका तथा सनातन संस्कृति की वैश्विक प्रासंगिकता पर व्यापक चर्चा की गई। “वनवास से फिनिश लाइन तक” विषय पर वक्ताओं ने श्रीराम की तपस्या, धैर्य और संघर्ष की तुलना मैराथन धावकों की सहनशक्ति और अनुशासन से की।
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि ‘रन फॉर राम’ को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में सरकार सकारात्मक पहल करेगी। उन्होंने कहा कि यह मैराथन फिटनेस, आस्था और एकता को बढ़ावा देने वाली अनूठी पहल है। उन्होंने अपनी खेल यात्रा का उल्लेख करते हुए युवाओं को निरंतर प्रयास और अनुशासन का संदेश दिया।
उत्तर प्रदेश के खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि खेल और अध्यात्म का समन्वय भारतीय परंपरा की पहचान है। उन्होंने घोषणा की कि ‘रन फॉर राम’ मैराथन को आधिकारिक स्वरूप देकर इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाया जाएगा, ताकि विभिन्न देशों के धावक इसमें भाग ले सकें।
पद्मश्री से सम्मानित पैरा ओलंपियन प्रवीण कुमार ने विद्यार्थियों और खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी खेल में उत्कृष्टता तपस्या के समान है, जिसके लिए समर्पण और दृढ़ संकल्प आवश्यक है।
संवाद में अयोध्या को वैश्विक आध्यात्मिक-खेल गंतव्य के रूप में विकसित करने की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई। आयोजकों के अनुसार यह केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि आस्था, ऊर्जा और राष्ट्रभाव का महोत्सव है, जो युवाओं को स्वस्थ, अनुशासित और राष्ट्रनिष्ठ जीवनशैली की ओर प्रेरित करेगा।